
लखनऊ के योजना भवन में आज माहौल थोड़ा अलग था. न कोई चुनावी शोर… न कोई नारेबाजी. बस फूल थे, तस्वीर थी… और कैमरों की चमक के बीच सजी हुई श्रद्धा. सीएम Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Hemvati Nandan Bahuguna की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए.
मंच पर मौजूद चेहरे भी कम दिलचस्प नहीं थे. पूर्व सीएम की बेटी व बीजेपी नेता Rita Bahuguna Joshi और उप मुख्यमंत्री Brajesh Pathak समेत कई नेता वहां मौजूद रहे. दृश्य ऐसा था मानो इतिहास और वर्तमान एक ही फ्रेम में खड़े हों.

कौन थे हेमवती नंदन बहुगुणा?
Hemvati Nandan Bahuguna सिर्फ एक नाम नहीं थे…वे उत्तर प्रदेश की राजनीति के उन नेताओं में थे जिन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई.
1970 के दशक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. अपनी प्रशासनिक पकड़ और जनसंपर्क के लिए जाने जाते थे. वे उन नेताओं में से थे जो सत्ता में रहकर भी जमीन से जुड़े रहे. उनकी राजनीति में भाषण कम…और फैसले ज्यादा बोलते थे.
आज के दौर में, जब राजनीति अक्सर “ट्रेंड” से चलती है…बहुगुणा का दौर “विश्वास” से चलता था.

मंच पर सम्मान, पीछे समीकरण
आज की सभा में मौजूद हर चेहरा सिर्फ श्रद्धांजलि देने नहीं आया था. यहां मौजूदगी भी एक संदेश होती है. Yogi Adityanath का वहां होना…
Rita Bahuguna Joshi की उपस्थिति…ये सब सिर्फ संयोग नहीं होते. राजनीति में हर कदम, हर तस्वीर…एक कहानी कहती है. और इस कहानी में सम्मान के साथ-साथ समीकरण भी छिपे होते हैं.
क्या हम सिर्फ याद कर रहे हैं? या कुछ सीख भी रहे हैं? क्योंकि जिन नेताओं को हम आज श्रद्धांजलि दे रहे हैं…उनकी राजनीति और आज की राजनीति में फर्क साफ दिखता है.
श्रद्धांजलि या सियासी संकेत?
लखनऊ का यह कार्यक्रम शांत था…लेकिन इसके मायने गहरे थे. यह सिर्फ एक पूर्व मुख्यमंत्री को याद करने का दिन नहीं था. यह राजनीति के बदलते रंगों को समझने का मौका भी था. जहां फूल चढ़ते हैं… वहीं समीकरण भी बनते हैं. और यही भारतीय राजनीति की सबसे दिलचस्प सच्चाई है.
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